Monday, 20 April 2020

उत्पत्ति - अध्याय 6 परमेश्वर दवारा धरती लाया गया पहली बार विनाश । नूह की कहानी ।

















प्रश्न 1 परमेश्वर के पुत्रो का मनुष्य की पुत्रियों से विवाह करने क्या कारण था ?

इसका जवाब है! तब परमेश्वर के पुत्रों ने मनुष्य की पुत्रियों को देखा, कि वे सुन्दर हैं; सो उन्होंने जिस जिस को चाहा उन से ब्याह कर लिया।

उत्पत्ति - अध्याय 6 वचन 2

Dreams Rapture, Heaven, Angels!!! - YouTube

प्रश्न 2 क्या कारण था की परमेश्वर ने मनुष्य की आयु को सिमित कर दिया ?

इसका जवाब है! और यहोवा ने कहा, मेरा आत्मा मनुष्य से सदा लों विवाद करता न रहेगा, क्योंकि मनुष्य भी शरीर ही है: उसकी आयु एक सौ बीस वर्ष की होगी।

उत्पत्ति - अध्याय 6 वचन 3

A Biblical Case for Awesome Beards | RELEVANT Magazine

प्रश्न 3 उन दिनों धरती पर कौन रहा करते थे । पवित्रशास्त्र के मुताबिक शूरवीरो का जन्म कैसे हुआ ?

इसका जवाब है! उन दिनों में पृथ्वी पर दानव रहते थे; और इसके पश्चात जब परमेश्वर के पुत्र मनुष्य की पुत्रियों के पास गए तब उनके द्वारा जो सन्तान उत्पन्न हुए, वे पुत्र शूरवीर होते थे, जिनकी कीर्ति प्राचीन काल से प्रचलित है।

उत्पत्ति - अध्याय 6 वचन 4

7 Things You Didn't Learn About Samson in Sunday School | Biblica ...
प्रश्न 4 वह क्या कारण था की परमेश्वर ने धरती के विनाश की योजना बनाई ?

इसका जवाब है! और यहोवा ने देखा, कि मनुष्यों की बुराई पृथ्वी पर बढ़ गई है, और उनके मन के विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है सो निरन्तर बुरा ही होता है। और यहोवा पृथ्वी पर मनुष्य को बनाने से पछताया, और वह मन में अति खेदित हुआ। तब यहोवा ने सोचा, कि मैं मनुष्य को जिसकी मैं ने सृष्टि की है पृथ्वी के ऊपर से मिटा दूंगा; क्या मनुष्य, क्या पशु, क्या रेंगने वाले जन्तु, क्या आकाश के पक्षी, सब को मिटा दूंगा क्योंकि मैं उनके बनाने से पछताता हूं।

उत्पत्ति - अध्याय 6 वचन 4 से 7

Bible | Philadelphia Church of God

प्रश्न 5 ऐसा कौन सा व्यक्ति था जिस पर परमेश्वर की अनुग्रह की दृष्टि थी ? उसमे ऐसी क्या खासियत थी ?

इसका जवाब है! परन्तु यहोवा के अनुग्रह की दृष्टि नूह पर बनी रही॥ नूह की वंशावली यह है। नूह धर्मी पुरूष और अपने समय के लोगों में खरा था, और नूह परमेश्वर ही के साथ साथ चलता रहा।

उत्पत्ति - अध्याय 6 वचन 8 से 9

Book of Genesis Chapter 6-7 (Bible Illustrations by Sweet Media).jpg

प्रश्न 6 नूह के पुत्रो के क्या नाम है ?

इसका जवाब है! और नूह से, शेम, और हाम, और येपेत नाम, तीन पुत्र उत्पन्न हुए।

उत्पत्ति - अध्याय 6 वचन 10

Book of Genesis Chapter 6-11 (Bible Illustrations by Sweet Media).jpg

प्रश्न 7 नूह के समय में धरती के क्या हालात थे ? इस विषय पर परमेश्वर ने नूह से क्या बातचीत की ? 

इसका जवाब है! उस समय पृथ्वी परमेश्वर की दृष्टि में बिगड़ गई थी, और उपद्रव से भर गई थी। और परमेश्वर ने पृथ्वी पर जो दृष्टि की तो क्या देखा, कि वह बिगड़ी हुई है; क्योंकि सब प्राणियों ने पृथ्वी पर अपनी अपनी चाल चलन बिगाड़ ली थी। तब परमेश्वर ने नूह से कहा, सब प्राणियों के अन्त करने का प्रश्न मेरे साम्हने आ गया है; क्योंकि उनके कारण पृथ्वी उपद्रव से भर गई है, इसलिये मैं उन को पृथ्वी समेत नाश कर डालूंगा।

उत्पत्ति - अध्याय 6 वचन 11 से 13



प्रश्न 8 परमेश्वर ने नूह और उसके परिवार को इस विनाश से बचने के लिए क्या कार्य करने को कहा ?

इसका जवाब है! इसलिये तू गोपेर वृक्ष की लकड़ी का एक जहाज बना ले, उस में कोठरियां बनाना, और भीतर बाहर उस पर राल लगाना। और इस ढंग से उसको बनाना: जहाज की लम्बाई तीन सौ हाथ, चौड़ाई पचास हाथ, और ऊंचाई तीस हाथ की हो। जहाज में एक खिड़की बनाना, और इसके एक हाथ ऊपर से उसकी छत बनाना, और जहाज की एक अलंग में एक द्वार रखना, और जहाज में पहिला, दूसरा, तीसरा खण्ड बनाना। और सुन, मैं आप पृथ्वी पर जलप्रलय करके सब प्राणियों को, जिन में जीवन की आत्मा है, आकाश के नीचे से नाश करने पर हूं: और सब जो पृथ्वी पर हैं मर जाएंगे। परन्तु तेरे संग मैं वाचा बान्धता हूं: इसलिये तू अपने पुत्रों, स्त्री, और बहुओं समेत जहाज में प्रवेश करना। एक एक जाति के पक्षी, और एक एक जाति के पशु, और एक एक जाति के भूमि पर रेंगने वाले, सब में से दो दो तेरे पास आएंगे, कि तू उन को जीवित रखे। और भांति भांति का भोज्य पदार्थ जो खाया जाता है, उन को तू ले कर अपने पास इकट्ठा कर रखना सो तेरे और उनके भोजन के लिये होगा। परमेश्वर की इस आज्ञा के अनुसार नूह ने किया।

उत्पत्ति - अध्याय 6 वचन 14 से 22

Book of Genesis Chapter 6-8 (Bible Illustrations by Sweet Media).jpg

Noah's Ark | Bible Story

प्रश्न 9 परमेश्वर ने कितने दिनों तक धरती पर वर्षा करने की योजना बनाई ?

इसका जवाब है! क्योंकि अब सात दिन और बीतने पर मैं पृथ्वी पर चालीस दिन और चालीस रात तक जल बरसाता रहूंगा; जितनी वस्तुएं मैं ने बनाईं हैं सब को भूमि के ऊपर से मिटा दूंगा।

उत्पत्ति - अध्याय 7 वचन 4

Book of Genesis Chapter 7-8 (Bible Illustrations by Sweet Media).jpg

प्रश्न 10 नूह उस समय कितने वर्ष का था जिस समय जलप्रलय धरती पर आया ?

इसका जवाब है! नूह की अवस्था छ: सौ वर्ष की थी, जब जलप्रलय पृथ्वी पर आया।

उत्पत्ति - अध्याय 7 वचन 6

प्रश्न 11 जलप्रलय से धरती पर क्या प्रभाव पड़ा वर्णन करें ?

इसका जवाब है! और पृथ्वी पर चालीस दिन तक प्रलय होता रहा; और पानी बहुत बढ़ता ही गया जिस से जहाज ऊपर को उठने लगा, और वह पृथ्वी पर से ऊंचा उठ गया। और जल बढ़ते बढ़ते पृथ्वी पर बहुत ही बढ़ गया, और जहाज जल के ऊपर ऊपर तैरता रहा। और जल पृथ्वी पर अत्यन्त बढ़ गया, यहां तक कि सारी धरती पर जितने बड़े बड़े पहाड़ थे, सब डूब गए। जल तो पन्द्रह हाथ ऊपर बढ़ गया, और पहाड़ भी डूब गए और क्या पक्षी, क्या घरेलू पशु, क्या बनैले पशु, और पृथ्वी पर सब चलने वाले प्राणी, और जितने जन्तु पृथ्वी मे बहुतायत से भर गए थे, वे सब, और सब मनुष्य मर गए। जो जो स्थल पर थे उन में से जितनों के नथनों में जीवन का श्वास था, सब मर मिटे। और क्या मनुष्य, क्या पशु, क्या रेंगने वाले जन्तु, क्या आकाश के पक्षी, जो जो भूमि पर थे, सो सब पृथ्वी पर से मिट गए; केवल नूह, और जितने उसके संग जहाज में थे, वे ही बच गए। और जल पृथ्वी पर एक सौ पचास दिन तक प्रबल रहा॥

उत्पत्ति - अध्याय 7 वचन 17 से 24

Book of Genesis Chapter 7-6 (Bible Illustrations by Sweet Media).jpg

प्रश्न 12 यह जांचने के लिए की जल धरती पर से काम हुआ या नहीं नूह ने क्या योजना बनाई ?

इसका जवाब है! फिर ऐसा हुआ कि चालीस दिन के पश्चात नूह ने अपने बनाए हुए जहाज की खिड़की को खोल कर, एक कौआ उड़ा दिया: वह जब तक जल पृथ्वी पर से सूख न गया, तब तक कौआ इधर उधर फिरता रहा। फिर उसने अपने पास से एक कबूतरी को उड़ा दिया, कि देखें कि जल भूमि से घट गया कि नहीं। उस कबूतरी को अपने पैर के तले टेकने के लिये कोई आधार ने मिला, सो वह उसके पास जहाज में लौट आई: क्योंकि सारी पृथ्वी के ऊपर जल ही जल छाया था तब उसने हाथ बढ़ा कर उसे अपने पास जहाज में ले लिया। तब और सात दिन तक ठहर कर, उसने उसी कबूतरी को जहाज में से फिर उड़ा दिया। और कबूतरी सांझ के समय उसके पास आ गई, तो क्या देखा कि उसकी चोंच में जलपाई का एक नया पत्ता है; इस से नूह ने जान लिया, कि जल पृथ्वी पर घट गया है। फिर उसने सात दिन और ठहरकर उसी कबूतरी को उड़ा दिया; और वह उसके पास फिर कभी लौट कर न आई।

उत्पत्ति - अध्याय 7 वचन 6 से 12

Book of Genesis Chapter 8-5 (Bible Illustrations by Sweet Media).jpg

Book of Genesis Chapter 8-8 (Bible Illustrations by Sweet Media).jpg

प्रश्न 13 धरती से जल को सूखने में कितना समय लगा ?

इसका जवाब है!  फिर ऐसा हुआ कि छ: सौ एक वर्ष के पहिले महीने के पहिले दिन जल पृथ्वी पर से सूख गया। तब नूह ने जहाज की छत खोल कर क्या देखा कि धरती सूख गई है। और दूसरे महीने के सताईसवें दिन को पृथ्वी पूरी रीति से सूख गई॥

उत्पत्ति - अध्याय 7 वचन 13 से 14

प्रश्न 15 जल के सूखने के बाद नूह ने क्या किया ?

इसका जवाब है! तब नूह, और उसके पुत्र, और पत्नी, और बहुएं, निकल आईं: और सब चौपाए, रेंगने वाले जन्तु, और पक्षी, और जितने जीवजन्तु पृथ्वी पर चलते फिरते हैं, सो सब जाति जाति करके जहाज में से निकल आए। तब नूह ने यहोवा के लिये एक वेदी बनाई; और सब शुद्ध पशुओं, और सब शुद्ध पक्षियों में से, कुछ कुछ ले कर वेदी पर होमबलि चढ़ाया।

उत्पत्ति - अध्याय 7 वचन 18 से 20

Book of Genesis Chapter 8-13 (Bible Illustrations by Sweet Media).jpg

प्रश्न 16 परमेश्वर ने धरती के विनाश को लेकर नूह से क्या वादा किया । इस प्रलय का धरती के पर्यावरण पर क्या असर पड़ा ?

इसका जवाब है! इस पर यहोवा ने सुखदायक सुगन्ध पाकर सोचा, कि मनुष्य के कारण मैं फिर कभी भूमि को शाप न दूंगा, यद्यपि मनुष्य के मन में बचपन से जो कुछ उत्पन्न होता है सो बुरा ही होता है; तौभी जैसा मैं ने सब जीवों को अब मारा है, वैसा उन को फिर कभी न मारूंगा। अब से जब तक पृथ्वी बनी रहेगी, तब तक बोने और काटने के समय, ठण्ड और तपन, धूपकाल और शीतकाल, दिन और रात, निरन्तर होते चले जाएंगे॥

उत्पत्ति - अध्याय 7 वचन 21 से 22

प्रश्न 17 परमेश्वर ने इस वचन को जो नूह से किया था क्या चिन्ह रखा ?

इसका जवाब है! और मैं तुम्हारे साथ अपनी इस वाचा को पूरा करूंगा; कि सब प्राणी फिर जलप्रलय से नाश न होंगे: और पृथ्वी के नाश करने के लिये फिर जलप्रलय न होगा। फिर परमेश्वर ने कहा, जो वाचा मैं तुम्हारे साथ, और जितने जीवित प्राणी तुम्हारे संग हैं उन सब के साथ भी युग युग की पीढिय़ों के लिये बान्धता हूं; उसका यह चिन्ह है: कि मैं ने बादल में अपना धनुष रखा है वह मेरे और पृथ्वी के बीच में वाचा का चिन्ह होगा। और जब मैं पृथ्वी पर बादल फैलाऊं तब बादल में धनुष देख पड़ेगा।

उत्पत्ति - अध्याय 7 वचन 11 से 14

God's Covenant with Noah - Bible Story



याद करने के लिए वचन! 

इसलिये तुम मेरी विधियों को मानना, और मेरे नियमों पर समझ बूझकर चलना; क्योंकि ऐसा करने से तुम उस देश में निडर बसे रहोगे।

लैव्यवस्था - अध्याय 25 : 18


Friday, 17 April 2020

उत्पत्ति - अध्याय 4 मनुष्य के दवारा किया जाने वाला सबसे पहला अपराध । कैन और हाबिल की कहानी ।

भूमिका 

बाइबल के अनुसार, पाप परमेश्वर के मार्गों में चलने की अपेक्षा अपने स्वयं के मार्गों पर चलने का एक व्यवहार है। परमेश्वर पाप को सहन नहीं कर सकता है। परमेश्वर पाप से घृणा करता है। तौभी हमारे लिए, पाप हमें अच्छा लगता है, और हम इसे करते हैं। आदम और हव्वा की तरह, हम सोचते हैं कि हम बुराई को जान सकते हैं और तौभी हम इसके द्वारा विजयी नहीं हो सकते हैं। हम परमेश्वर के सदृश नहीं बन सकते हैं। परमेश्वर बुराई के अस्तित्व को जानता है, तौभी परमेश्वर बुरा नहीं है न ही वह बुरा करता है। हम, दूसरी ओर, इससे आकर्षित होते हैं, और हम इसे करने के लिए स्वयं को दे देते हैं। जब कभी आप पाप करते हैं, परमेश्वर का आप के भीतर वास करने वाला आत्मा दुखित होता है। कई बार वह आपको दोषी होने का अहसास कराएगा। पाप करते हुए, आप उसी क्षण अपने लिए प्रभु की इच्छा की अपेक्षा स्वयं पर निर्भर जीवन को जीवन का चुनाव करते हैं। यह परमेश्वर को आपसे घृणा करने का कारण नहीं बनाता है। वह आप से तब भी प्रेम करता है। परन्तु यह उसे शोकित करता है:"परमेश्वर के पवित्र आत्मा को शोकित मत करो, जिस से तुम पर छुटकारे के दिन के लिये छाप दी गई है।" (इफिसियों 4 वचन 30)। यह समझने के लिए कि पाप कैसे आपको प्रभावित करता है, आइए परमेश्वर के साथ आपके सम्बन्ध और परमेश्वर के साथ आपकी संगति के मध्य की भिन्नता को देखें।














प्रश्न 1 आदम और हवा के बच्चो के नाम क्या है ? और वह क्या काम करते थे ?

इसका जवाब है! आदम अपनी पत्नी हव्वा के पास गया तब उसने गर्भवती हो कर कैन को जन्म दिया और कहा, मैं ने यहोवा की सहायता से एक पुरूष पाया है। फिर वह उसके भाई हाबिल को भी जन्मी, और हाबिल तो भेड़-बकरियों का चरवाहा बन गया, परन्तु कैन भूमि की खेती करने वाला किसान बना।

उत्पत्ति - अध्याय 4 वचन 1 से 2

Adam and Eve had a baby boy who they named Cain. Later, Eve gave birth to another son who was named Abel. – Slide 1

When they grew up, Cain cultivated the ground while Abel became a shepherd.  – Slide 2
प्रश्न 2 कैन और हाबिल ने परमेश्वर को क्या भेंट किया ? और परमेश्वर किसी भेंट को स्वीकार किया ?

इसका जवाब है! कुछ दिनों के पश्चात कैन यहोवा के पास भूमि की उपज में से कुछ भेंट ले आया। और हाबिल भी अपनी भेड़-बकरियों के कई एक पहिलौठे बच्चे भेंट चढ़ाने ले आया और उनकी चर्बी भेंट चढ़ाई; तब यहोवा ने हाबिल और उसकी भेंट को तो ग्रहण किया,परन्तु कैन और उसकी भेंट को उसने ग्रहण न किया। तब कैन अति क्रोधित हुआ, और उसके मुंह पर उदासी छा गई।

उत्पत्ति - अध्याय 4 वचन 3 से 5

When it was time for the harvest, Cain presented some of his crops as a gift to the Lord. Abel also brought a gift, the best of the firstborn lambs from his flock.  – Slide 3

The Lord accepted the sacrifice Abel gave, but He did not accept the gift Cain gave. This made Cain very angry and dejected. – Slide 4

प्रश्न 3 परमेश्वर ने कैन की भेंट स्वीकार ना करने का क्या कारण बताया ?

इसका जवाब है! तब यहोवा ने कैन से कहा, तू क्यों क्रोधित हुआ? और तेरे मुंह पर उदासी क्यों छा गई है? यदि तू भला करे, तो क्या तेरी भेंट ग्रहण न की जाएगी? और यदि तू भला न करे, तो पाप द्वार पर छिपा रहता है, और उसकी लालसा तेरी और होगी, और तू उस पर प्रभुता करेगा।

उत्पत्ति - अध्याय 4 वचन 6 से 7

‘Why are you so angry?’ the Lord asked Cain. ‘You will be accepted if you do what is right. But if you refuse to do what is right, then watch out! Sin is crouching at the door, eager to control you. But you must subdue it and be its master.’ – Slide 5

प्रश्न 4 कैन ने क्रोध में आकर हाबिल के साथ क्या बर्ताव किया ?

इसका जवाब है! तब कैन ने अपने भाई हाबिल से कुछ कहा: और जब वे मैदान में थे, तब कैन ने अपने भाई हाबिल पर चढ़ कर उसे घात किया।

उत्पत्ति - अध्याय 4 वचन 8

While they were in the field, Cain attacked his brother, Abel, and killed him. – Slide 7

प्रश्न 5 जब परमेश्वर ने कैन से उसके छोटे भाई हाबिल के बारे में पूछा तब कैन ने परमेश्वर को क्या उत्तर दिया ?

इसका जवाब है! तब यहोवा ने कैन से पूछा, तेरा भाई हाबिल कहां है? उसने कहा मालूम नहीं: क्या मैं अपने भाई का रखवाला हूं?

उत्पत्ति - अध्याय 4 वचन 9

Afterward the Lord asked Cain, ‘Where is your brother? Where is Abel?’ – Slide 8

प्रश्न 6 कैन ने जो अपराध किया था परमेश्वर ने इस अपराध की कैन को क्या सजा दी ?

इसका जवाब है! उसने कहा, तू ने क्या किया है? तेरे भाई का लोहू भूमि में से मेरी ओर चिल्ला कर मेरी दोहाई दे रहा है! इसलिये अब भूमि जिसने तेरे भाई का लोहू तेरे हाथ से पीने के लिये अपना मुंह खोला है, उसकी ओर से तू शापित है। चाहे तू भूमि पर खेती करे, तौभी उसकी पूरी उपज फिर तुझे न मिलेगी, और तू पृथ्वी पर बहेतू और भगोड़ा होगा।

उत्पत्ति - अध्याय 4 वचन 10 से 12

‘I don’t know,’ Cain responded. ‘Am I my brother’s guardian?’ ‘What have you done?’ God replied. ‘Listen! Your brother’s blood cries out to me from the ground!  Now you are cursed and banished. The ground will no longer yield good crops for you, no matter how hard you work! From now on you will be a homeless wanderer on the earth.’ – Slide 9

प्रश्न 7 कैन को परमेश्वर ने जो सजा दी उसे ले कर कैन ने परमेश्वर से क्या निवेदन किया ?

इसका जवाब है! तब कैन ने यहोवा से कहा, मेरा दण्ड सहने से बाहर है। देख, तू ने आज के दिन मुझे भूमि पर से निकाला है और मैं तेरी दृष्टि की आड़ मे रहूंगा और पृथ्वी पर बहेतू और भगोड़ा रहूंगा; और जो कोई मुझे पाएगा, मुझे घात करेगा। इस कारण यहोवा ने उससे कहा, जो कोई कैन को घात करेगा उससे सात गुणा पलटा लिया जाएगा। और यहोवा ने कैन के लिये एक चिन्ह ठहराया ऐसा ने हो कि कोई उसे पाकर मार डाले॥

उत्पत्ति - अध्याय 4 वचन 13 से 15

‘My punishment is too great to bear!’ Cain uttered. ‘You have banished me and made me a homeless wanderer. Anyone who finds me will kill me!’ ‘No,’ the Lord replied. ‘If anyone murders you their punishment will be seven times greater.’ – Slide 10

The Lord put a mark on Cain to warn anyone who might try to kill him. So Cain left the Lord’s presence and settled in the land of Nod, east of Eden. – Slide 11


याद करने के लिए वचन!

इसलिये यदि तुम मनुष्य के अपराध क्षमा करोगे, तो तुम्हारा स्वर्गीय पिता भी तुम्हें क्षमा करेगा। और यदि तुम मनुष्यों के अपराध क्षमा न करोगे, तो तुम्हारा पिता भी तुम्हारे अपराध क्षमा न करेगा॥

मत्ती - अध्याय 6 वचन 15 से 16




Wednesday, 15 April 2020

उत्पत्ति - अध्याय 3 परमेश्वर के बनाए लोग पापी कैसे हो गए ! मनुष्य के पापी हो जाने का वर्णन !

भूमिका 

प्रिय मसीह भाइयो और बहनो क्या आप जानते है वो क्या चीज़ है जो हमे परमेश्वर से दूर करता है और उसके पास नहीं आने देता! इसका जवाब है हमारे पाप! क्युकी परमेश्वर पूरी तरह पवित्र है  उसके तुल्य इस धरती पर कोई भी नहीं है! न कभी हो स्का! यही एक कारन है जो हमे परमेश्वर के करीब नहीं जाने देता! क्युकी अंधकार और ज्योति कभी एक साथ नहीं रह सकते! उसी प्रकार पापी और अपवित्र लोग परमेश्वर के पास नहीं जा सकते! लकिन क्या आपको पता है पाप की शुरवात खा से हुई! वह क्या कारण थे जिसकी वजह से परमेश्वर के बनाए लोग पापी हो गए! और परमेश्वर से दूर हो गए! क्या है इसके पीछे की कहानी! जिसने हमे परम पिता परमेश्वर से दूर कर दिया! आइए जानते है पवित्र शास्त्र बाइबल इस विषय के बारे में क्या कहता है! 


 











प्रश्न 1 : वह कौनसा प्राणी था जिसने मनुष्य को आज्ञा तोड़ने के लिए बहकाया ?

इसका जवाब है! परमेश्वर ने जितने बनैले पशु बनाए थे, उन सब में सर्प धूर्त था, और उसने स्त्री से कहा, क्या सच है, कि परमेश्वर ने कहा, कि तुम इस बाटिका के किसी वृक्ष का फल न खाना?  

उत्पत्ति - अध्याय 3 वचन 1

He just wants something – ardolph vn


प्रश्न 2 : स्त्री ने सर्प के सवाल का क्या उत्तर दिया? 


इसका जवाब है! स्त्री ने सर्प से कहा! इस बाटिका के वृक्षों के फल हम खा सकते हैं! पर जो वृक्ष बाटिका के बीच में है, उसके फल के विषय में परमेश्वर ने कहा है कि न तो तुम उसको खाना और न उसको छूना, नहीं तो मर जाओगे!

उत्पत्ति - अध्याय 3 वचन 2 से 3

प्रश्न 3 :  सर्प ने स्त्री को आज्ञा तोड़ने के लिए कैसे बहकाया?

इसका जवाब है!  तब सर्प ने स्त्री से कहा, तुम निश्चय न मरोगे वरन परमेश्वर आप जानता है, कि जिस दिन तुम उसका फल खाओगे उसी दिन तुम्हारी आंखें खुल जाएंगी, और तुम भले बुरे का ज्ञान पाकर परमेश्वर के तुल्य हो जाओगे। 

उत्पत्ति - अध्याय 3 वचन 4 से 5

प्रश्न 4 : सर्प के बहकाए जाने पर स्त्री ने क्या किया और दी हुई आज्ञा तोड़ने का क्या नतीजा निकला?

इसका जवाब है! सो जब स्त्री ने देखा कि उस वृक्ष का फल खाने में अच्छा, और देखने में मनभाऊ, और बुद्धि देने के लिये चाहने योग्य भी है, तब उसने उस में से तोड़कर खाया; और अपने पति को भी दिया, और उसने भी खाया। तब उन दोनों की आंखे खुल गई, और उन को मालूम हुआ कि वे नंगे है; सो उन्होंने अंजीर के पत्ते जोड़ जोड़ कर लंगोट बना लिये।

Eve eats the forbidden fruit and gives some to Adam

उत्पत्ति - अध्याय 3 वचन 6 से 7

प्रश्न 5 आदम और हवा ने परमेश्वर की आने की आहत सुनते ही क्या प्रतिक्रिया दी?

इसका जवाब है!  तब यहोवा परमेश्वर जो दिन के ठंडे समय बाटिका में फिरता था उसका शब्द उन को सुनाई दिया। तब आदम और उसकी पत्नी बाटिका के वृक्षों के बीच यहोवा परमेश्वर से छिप गए। 

उत्पत्ति - अध्याय 3 वचन 8


UJehova, UNkulunkulu Okhulumisanayo Nezidalwa Zakhe | Efundwayo


प्रश्न 6 परमेश्वर के द्वारा आदम को पुकारे जाने पर आदम और हवा ने क्या कहा वर्णन करें ?

इसका जवाब है! तब यहोवा परमेश्वर ने पुकार कर आदम से पूछा, तू कहां है? उसने कहा, मैं तेरा शब्द बारी में सुन कर डर गया क्योंकि मैं नंगा था; इसलिये छिप गया। उसने कहा, किस ने तुझे चिताया कि तू नंगा है? जिस वृक्ष का फल खाने को मैं ने तुझे बर्जा था, क्या तू ने उसका फल खाया है? आदम ने कहा जिस स्त्री को तू ने मेरे संग रहने को दिया है उसी ने उस वृक्ष का फल मुझे दिया, और मैं ने खाया। तब यहोवा परमेश्वर ने स्त्री से कहा, तू ने यह क्या किया है? स्त्री ने कहा, सर्प ने मुझे बहका दिया तब मैं ने खाया। 

उत्पत्ति - अध्याय 3 वचन 9 से 13

Where Are the Dead? — Watchtower ONLINE LIBRARY


प्रश्न 7 जिस सर्प ने स्त्री को आज्ञा तोड़ने के लिए बहकाया था परमेश्वर ने उसे क्या श्राप दिया?

इसका जवाब है! तब यहोवा परमेश्वर ने सर्प से कहा, तू ने जो यह किया है इसलिये तू सब घरेलू पशुओं, और सब बनैले पशुओं से अधिक शापित है; तू पेट के बल चला करेगा, और जीवन भर मिट्टी चाटता रहेगा और मैं तेरे और इस स्त्री के बीच में, और तेरे वंश और इसके वंश के बीच में बैर उत्पन्न करुंगा, वह तेरे सिर को कुचल डालेगा, और तू उसकी एड़ी को डसेगा। 

उत्पत्ति - अध्याय 3 वचन 14 से 15

FreeBibleimages :: Adam and Eve disobey God :: Adam and Eve ...

प्रश्न 8 आज्ञा तोड़े जाने पर परमेश्वर ने स्त्री को क्या श्राप दिया?

इसका जवाब है!  फिर स्त्री से उसने कहा, मैं तेरी पीड़ा और तेरे गर्भवती होने के दु:ख को बहुत बढ़ाऊंगा; तू पीड़ित हो कर बालक उत्पन्न करेगी; और तेरी लालसा तेरे पति की ओर होगी, और वह तुझ पर प्रभुता करेगा।

 उत्पत्ति - अध्याय 3 वचन 16

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प्रश्न 9 आज्ञा तोड़े जाने पर परमेश्वर ने आदम को क्या श्राप दिया ?

इसका जवाब है! और आदम से उसने कहा, तू ने जो अपनी पत्नी की बात सुनी, और जिस वृक्ष के फल के विषय मैं ने तुझे आज्ञा दी थी कि तू उसे न खाना उसको तू ने खाया है, इसलिये भूमि तेरे कारण शापित है: तू उसकी उपज जीवन भर दु:ख के साथ खाया करेगा: और वह तेरे लिये कांटे और ऊंटकटारे उगाएगी, और तू खेत की उपज खाएगा ;और अपने माथे के पसीने की रोटी खाया करेगा, और अन्त में मिट्टी में मिल जाएगा; क्योंकि तू उसी में से निकाला गया है, तू मिट्टी तो है और मिट्टी ही में फिर मिल जाएगा।

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उत्पत्ति - अध्याय 3 वचन 17 से 19

प्रश्न 10 इस घटना के बाद आदम ने अपनी पत्नी का क्या नाम रखा और इस नाम का क्या अर्थ है ? 

इसका जवाब है! और आदम ने अपनी पत्नी का नाम हव्वा रखा; क्योंकि जितने मनुष्य जीवित हैं उन सब की आदिमाता वही हुई।

उत्पत्ति - अध्याय 3 वचन 20

प्रश्न 11 आज्ञा तोड़े जाने के बाद परमेश्वर ने आदम और हवा से क्या बर्ताव किया ?

इसका जवाब है! और यहोवा परमेश्वर ने आदम और उसकी पत्नी के लिये चमड़े के अंगरखे बना कर उन को पहिना दिए। फिर यहोवा परमेश्वर ने कहा, मनुष्य भले बुरे का ज्ञान पाकर हम में से एक के समान हो गया है: इसलिये अब ऐसा न हो, कि वह हाथ बढ़ा कर जीवन के वृक्ष का फल भी तोड़ के खा ले और सदा जीवित रहे। तब यहोवा परमेश्वर ने उसको अदन की बाटिका में से निकाल दिया कि वह उस भूमि पर खेती करे जिस में से वह बनाया गया था। इसलिये आदम को उसने निकाल दिया और जीवन के वृक्ष के मार्ग का पहरा देने के लिये अदन की बाटिका के पूर्व की ओर करुबों को, और चारों ओर घूमने वाली ज्वालामय तलवार को भी नियुक्त कर दिया॥

उत्पत्ति - अध्याय 3 वचन 21 से 24

Angels: Cherubim | PaulthePoke


याद करने के लिए वचन !

क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है॥ रोमियो - अध्याय 6 वचन 23



हम आशा करते है! आज का यह विषय आपको मनुष्य किस प्रकार पापी हुआ और परमेश्वर से दूर हुआ को समझने में आपकी मदद करेगी! यदी कोई सवाल हो तो आप हमें कमेंट कर सकते है! और जो स्टूडेंट्स ऑनलाइन ट्रेनिंग ले रहे है! कृपया वीडियो की डिस्क्रिप्शन को चेक करें! इस अध्याय से सम्बंधित! प्रश्न और उत्तर! का लिंक दिया गया है! वहां से आप अपने नोट्स को रेडी कर ले और 18 अप्रैल रात दस बजे तक हमे अपने नोट्स को समिट करें!


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प्रभु आप सबको आशीष दे! जय मसीह की! 
















  

Monday, 13 April 2020

उत्पत्ति अध्याय २ (मनुष्य की उत्पति का वर्णन | हमारे पहले माता पिता )














1. प्रश्न : जब तक मनुष्य इस धरती पर नहीं थे! उस समय धरती कैसी थी ! वर्णन करें |

इसका जवाब है! आकाश और पृथ्वी की उत्पत्ति का वृत्तान्त यह है कि! जब वे उत्पन्न हुए अर्थात जिस दिन यहोवा परमेश्वर ने पृथ्वी और आकाश को बनाया! तब मैदान का कोई पौधा भूमि पर न था! और न मैदान का कोई छोटा पेड़ उगा था! क्योंकि यहोवा परमेश्वर ने पृथ्वी पर जल नहीं बरसाया था! और भूमि पर खेती करने के लिये मनुष्य भी नहीं था! तौभी कोहरा पृथ्वी से उठता था! जिस से सारी भूमि सिंच जाती थी! 

उत्पत्ति अध्याय 2! वचन 4 से 6

The coronavirus pandemic is making Earth vibrate less - CNN

2. प्रश्न : परमेश्वर ने इंसान की रचना कैसे की! और उसका नाम क्या रखा? 

इसका जवाब है! और यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा! और उसके नथनों में जीवन का श्वास फूंक दिया! और आदम जीवता प्राणी बन गया! 

उत्पत्ति अध्याय 2! वचन 7














3. प्रश्न : परमेश्वर ने मनुष्य को जिस स्थान में रखा! उस स्थान का क्या नाम था! और वह किस दिशा में थी ?

इसका जवाब है! और यहोवा परमेश्वर ने पूर्व की ओर अदन देश में एक वाटिका लगाई! और वहां आदम को जिसे उसने रचा था रख दिया!
  
उत्पत्ति अध्याय 2! वचन 8

Adam and Eve (Genesis 2-3) - YouTube

4. प्रश्न : परमेश्वर के द्वारा लगाई गयी! वाटिका की क्या खासियत है! और उस वाटिका में लगाए गए दो खास वृक्ष के नाम क्या है?

इसका जवाब है! यहोवा परमेश्वर ने भूमि से सब भांति के वृक्ष! जो देखने में मनोहर! और जिनके फल खाने में अच्छे हैं! उगाए! और वाटिका के बीच में जीवन के वृक्ष! को और भले या बुरे के ज्ञान के वृक्ष को भी लगाया!

उत्पत्ति अध्याय 2! वचन 9

OBS Image

5 प्रश्न : परमेश्वर द्वारा लगाई गयी वाटिका को सींचने के लिए परमेश्वर ने क्या व्यवस्था की! और वह नदिया जो वाटिका को सींचने का काम करती थी! उनकी क्या विशेषता है ? 

इसका जवाब है! उस वाटिका को सींचने के लिये एक महानदी अदन से निकली! और वहां से आगे बहकर चार धारा में हो गई! 

पहिली धारा का नाम पीशोन है! यह वही है जो हवीला नाम के सारे देश को जहां सोना मिलता है घेरे हुए है! उस देश का सोना चोखा होता है, वहां मोती और सुलैमानी पत्थर भी मिलते हैं!

और दूसरी नदी का नाम गीहोन है! यह वही है जो कूश के सारे देश को घेरे हुए है!

और तीसरी नदी का नाम हिद्देकेल है! यह वही है जो अश्शूर के पूर्व की ओर बहती है!

और चौथी नदी का नाम फरात है!

उत्पत्ति अध्याय 2! वचन 10 से 14

Cartoon peaceful scenery view of river shore bank | Premium Vector

6. प्रश्न :  परमेश्वर ने आदम को जिसकी रचना की थी! कहां रखा और क्या आज्ञा दी ?

इसका जवाब है! तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को ले कर अदन की वाटिका में रख दिया! कि वह उस में काम करे और उसकी रक्षा करे! 

उत्पत्ति अध्याय 2! वचन 15

De dónde viene la sabiduría humana?

7. प्रश्न : परमेश्वर ने आदम को ऐसा क्या कहा था! जिसे आदम को नहीं करना था ?

इसका जवाब है! तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को यह आज्ञा दी, कि तू वाटिका के सब वृक्षों का फल बिना खटके खा सकता है! पर भले या बुरे के ज्ञान का जो वृक्ष है! उसका फल तू कभी न खाना! क्योंकि जिस दिन तू उसका फल खाए उसी दिन अवश्य मर जाएगा!

उत्पत्ति अध्याय 2! वचन 16 से 17

Creation Meets Creator - Adam and Jesus
  
8. प्रश्न : सभी जीवित प्राणियों के नाम किसने रखे ?

इसका जवाब है! यहोवा परमेश्वर भूमि में से सब जाति के बनैले पशुओं! और आकाश के सब भाँति के पक्षियों को रचकर आदम के पास ले आया कि देखें! कि वह उनका क्या क्या नाम रखता है! और जिस जिस जीवित प्राणी का जो जो नाम आदम ने रखा! वही उसका नाम हो गया!

उत्पत्ति अध्याय 2! वचन 19

The Touching and Warm Story of Adam and Eve in the Garden of Eden

9. प्रश्न : परमेश्वर ने स्त्री! यानि नारी की रचना कैसे की ?

इसका जवाब है! तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को भारी नीन्द में डाल दिया! और जब वह सो गया तब उसने उसकी एक पसली निकाल कर उसकी सन्ती मांस भर दिया!
और यहोवा परमेश्वर ने उस पसली को जो उसने आदम में से निकाली थी! स्त्री बना दिया! और उसको आदम के पास ले आया!

और आदम ने कहा अब यह मेरी हड्डियों में की हड्डी! और मेरे मांस में का मांस है! सो इसका नाम नारी होगा! क्योंकि यह नर में से निकाली गई है!


उत्पत्ति अध्याय 2! वचन 21 से 23

Preschool Bible | His Treasure Seekers | Page 2

10. प्रश्न : आदम और हवा की रचना के बाद सृष्टि में क्या बदलाव आया ?

इसका जवाब है! इस कारण पुरूष अपने माता पिता को छोड़कर अपनी पत्नी से मिला रहेगा! और वे एक तन बने रहेंगे!
और आदम और उसकी पत्नी दोनो नंगे थे! पर लजाते न थे!


उत्पत्ति अध्याय 2! वचन 24 से 25

Ukufa Nokuvuswa KukaYesu—Kunokuthetha Ntoni Kuwe? — IWatchtower ...



याद करने के लिए वचन! 

तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को यह आज्ञा दी, कि तू वाटिका के सब वृक्षों का फल बिना खटके खा सकता है! पर भले या बुरे के ज्ञान का जो वृक्ष है! उसका फल तू कभी न खाना! क्योंकि जिस दिन तू उसका फल खाए उसी दिन अवश्य मर जाएगा!

उत्पत्ति अध्याय 2! वचन 16 से 17


हम आशा करते है! आज का यह विषय आपको मनुष्य इस संसार में कैसे आए और उनकी उत्पति  और उसके महत्व को समझने में आपकी मदद करेगी! यदी कोई सवाल हो तो आप हमें कमेंट कर सकते है! और जो स्टूडेंट्स ऑनलाइन ट्रेनिंग ले रहे है! कृपया वीडियो की डिस्क्रिप्शन को चेक करें! इस अध्याय से सम्बंधित! प्रश्न और उत्तर! का लिंक दिया गया है! वहां से आप अपने नोट्स को रेडी कर ले और 15 अप्रैल रात दस बजे तक हमे अपने नोट्स को समिट करें!

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प्रभु आप सबको आशीष दे! जय मसीह की!






Saturday, 11 April 2020

उतपति अध्याय : 1 | संसार की सृष्टि का वर्णन | Description of world creation |
















भूमिका |

सृष्टि की रचना कब हुई और कैसी हुई! इसे किसने रची! सही में इसे रचने वाला कोई है! अथवा अपने आप सृष्टि बन गई! अगर है तो वह कौन है! आदि बातों को लेकर मानव समाज में इसकी खोज चलरही हैं! धरती पर जितने मत और पन्थ के मानने वाले हैं! सब ने अपनी अपनी मान्यता अनुसार, ग्रंथों में लिखा है और सब अपने अनुसार ही मानव समाज में परोसा है! चाहे वह तर्क के कसौटी पर खरा ना भी उतरे उसे वह सत्य ही मानते हैं!

सृष्टि रचने वाले के बारे में भी सब की अलग अलग ही मान्यता है! किसीने सृष्टि कर्ता को माना है और किसीने मानने से भी इंकार किया है!

पहले हम सृष्टि रचना पर ही चर्चा करते हैं! की आखिर सृष्टि की रचना कैसी हुई! यह दुनिया कैसी बनी! और किस तरीके से बनाया गया है!


1. प्रश्न आरम्भ में सृष्टि कैसी थी ? उस समय परमेश्वर की रूह कहा थी ?

उतर - परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की। और पृथ्वी बेडौल और सुनसान पड़ी थी; और गहरे जल के ऊपर अन्धियारा था: तथा परमेश्वर का आत्मा जल के ऊपर मण्डलाता था।

Earth sky sun planets clouds wallpaper | 1920x1080 | 47972 ...


2. प्रश्न - परमेश्वर ने पहले दिन क्या बनाया ?

उतर : उत्पत्ति : अध्याय 1 वचन 3 से 5! उजियाला! 
तब परमेश्वर ने कहा, उजियाला हो: तो उजियाला हो गया! और परमेश्वर ने उजियाले को देखा कि अच्छा है; और परमेश्वर ने उजियाले को अन्धियारे से अलग किया। और परमेश्वर ने उजियाले को दिन और अन्धियारे को रात कहा! तथा सांझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार पहिला दिन हो गया!

God is light! - creation.com

3. प्रश्न : परमेश्वर ने दूसरे दिन क्या बनाया ?

उतर : उत्पत्ति अध्याय 1 वचन 7 से 8! आकाश! 

तब परमेश्वर ने एक अन्तर करके उसके नीचे के जल और उसके ऊपर के जल को अलग अलग किया! और वैसा ही हो गया! और परमेश्वर ने उस अन्तर को आकाश कहा! तथा सांझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार दूसरा दिन हो गया!

Early Jewish Conceptions of God | My Jewish Learning
4. प्रश्न : परमेश्वर ने तीसरे दिन क्या बनाया ?

उत्तर : उत्पत्ति  अध्याय 1 वचन 11 से 13!  हरी घास, तथा बीज वाले छोटे छोटे पेड़, और फलदाई वृक्ष!

फिर परमेश्वर ने कहा! पृथ्वी से हरी घास, तथा बीज वाले छोटे छोटे पेड़, और फलदाई वृक्ष भी जिनके बीज उन्ही में एक एक की जाति के अनुसार होते हैं पृथ्वी पर उगें; और वैसा ही हो गया!
तो पृथ्वी से हरी घास, और छोटे छोटे पेड़ जिन में अपनी अपनी जाति के अनुसार बीज होता है! और फलदाई वृक्ष जिनके बीज एक एक की जाति के अनुसार उन्ही में होते हैं उगे! और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है!

तथा सांझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार तीसरा दिन हो गया!

BEAUTIFUL CREATION OF GOD---NATURE


5. प्रश्न : परमेश्वर ने चौथे दिन क्या बनाया ?

उत्तर : उत्पत्ति  अध्याय 1 वचन 16 से 19 सूरज! चाँद! और सितारे!

तब परमेश्वर ने दो बड़ी ज्योतियां बनाईं! उन में से बड़ी ज्योति को दिन पर प्रभुता करने के लिये! और छोटी ज्योति को रात पर प्रभुता करने के लिये बनाया! और तारागण को भी बनाया!
परमेश्वर ने उन को आकाश के अन्तर में इसलिये रखा कि वे पृथ्वी पर प्रकाश दें!

तथा दिन और रात पर प्रभुता करें और उजियाले को अन्धियारे से अलग करें! और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है! तथा सांझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार चौथा दिन हो गया! 

Planets Sun Moon and Stars. Stock Footage Video (100% Royalty-free ... 

6. प्रश्न : परमेश्वर ने पांचवे दिन क्या बनाया ?

उत्तर : उत्पत्ति  अध्याय 1 वचन 21 से 23  जल में रहने वाले जीवित प्राणियों को और आकाश में उड़ने वाले पक्षियों को!


इसलिये परमेश्वर ने जाति जाति के बड़े बड़े जल-जन्तुओं की! और उन सब जीवित प्राणियों की भी सृष्टि की जो चलते फिरते हैं! जिन से जल बहुत ही भर गया! और एक एक जाति के उड़ने वाले पक्षियों की भी सृष्टि की! और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है! और परमेश्वर ने यह कहके उनको आशीष दी, कि फूलो-फलो, और समुद्र के जल में भर जाओ! और पक्षी पृथ्वी पर बढ़ें! तथा सांझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार पांचवां दिन हो गया! 

Be Fruitful And Increase | Z-HAB

birds flying sky moon - Elizabeth Reninger

7. प्रश्न : परमेश्वर ने छठे दिन क्या बनाया ?

उत्तर : उत्पत्ति  अध्याय 1 वचन 25 से 31 घरेलू पशु, रेंगने वाले जन्तु, वनपशु और पुरुष और स्त्री को!


फिर परमेश्वर ने कहा, पृथ्वी से एक एक जाति के जीवित प्राणी! अर्थात! घरेलू पशु! और रेंगने वाले जन्तु! और पृथ्वी के वनपशु! जाति जाति के अनुसार उत्पन्न हों! और वैसा ही हो गया! फिर परमेश्वर ने कहा, हम मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार अपनी समानता में बनाएं!

Wildlife of Israel - Wikipedia

Como era o jardim do Éden e foi encontrado? Estudo bíblico completo

8. प्रश्न : परमेश्वर ने मनुष्य को किस प्रकार बनाया और उसे क्या क्या अधिकार दिए ?

उत्तर : तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया! अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी करके उसने मनुष्यों की सृष्टि की! और परमेश्वर ने उन को आशीष दी! और उन से कहा, फूलो-फलो, और पृथ्वी में भर जाओ! और उसको अपने वश में कर लो! और समुद्र की मछलियों, तथा आकाश के पक्षियों, और पृथ्वी पर रेंगने वाले सब जन्तुओ पर अधिकार रखो

God Made Adam and Eve | Children's Bible Lessons

9. प्रश्न : परमेश्वर ने सांतवे दिन क्या किया और इस दिन की क्या विशेष बात है ?

उत्तर : उत्पत्ति - अध्याय 2 वचन 1 से 3 सातवें दिन परमेश्वर ने विश्राम किया! 


आकाश और पृथ्वी और उनकी सारी सेना का बनाना समाप्त हो गया! और परमेश्वर ने अपना काम जिसे वह करता था सातवें दिन समाप्त किया! और उसने अपने किए हुए सारे काम से सातवें दिन विश्राम किया! और परमेश्वर ने सातवें दिन को आशीष दी! और पवित्र ठहराया! क्योंकि उस में उसने अपनी सृष्टि की रचना के सारे काम से विश्राम लिया! 


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याद करने के लिए वचन! 

तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया! अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया!नर और नारी करके उसने मनुष्यों की सृष्टि की! उत्पत्ति - अध्याय 1 वचन 27

हम आशा करते है! आज का यह विषय आपको संसार की रचना कैसे हुई! और उसके महत्व को समझने में आपकी मदद करेगी! यदी कोई सवाल हो तो आप हमें कमेंट कर सकते है! और जो स्टूडेंट्स ऑनलाइन ट्रेनिंग ले रहे है! कृपया वीडियो की डिस्क्रिप्शन को चेक करें! इस अध्याय से सम्बंधित! प्रश्न और उत्तर! का लिंक दिया गया है! वहां से आप अपने नोट्स को रेडी कर ले और 13 अप्रैल रात दस बजे तक हमे अपने नोट्स को समिट करें!

यदि आप भी ऑनलाइन बाइबिल क्लास की शिक्षा का हिस्सा बनना चाहते है तो कृपया वीडियो की डिस्क्रिप्शन में हमारी वेबसाइट से आप ऑनलाइन बाइबल क्लास को ज्वाइन कर सकते है! ध्यान दे इस कार्य के कोई भी पैसे आपसे नहीं लिए जाएंगे! यह बिलकुल मुफ्त है! प्रभु के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए यह शिक्षा दी जा रही है! या आप हमे दिए गए नंबर पर व्हाट्सप्प के जरिए हमसे मदद ले सकते है!  


प्रभु आप सबको आशीष दे! जय मसीह की!